Ranka News Garhwa । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आयुष चिकित्सक काला बिल्ला लगाकर कर रहे हैं कार्य

रंंका । गढ़़वा । समान काम के लिए समान वेतन व सरकारी सुविधा की मांग को लेकर रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अयुष चिकित्सको ने मंगलवार को विरोध स्वरूप काला बिल्ला लगाकर चिकित्सकीय कार्य किया। इस बाबत आयुष चिकित्सक डा. गोरख नाथ पांडेय एवं डा. जय भारत जेरेडा ने बताया कि आयुष चिकित्सक राज्य के सभी सीएचसी एवं पीएचसी में कार्यरत है। जो अपने कार्य के अतिरिक्त अस्पताल के सभी कार्य यथा ओपीडी, आईपीडी तथा इमरजेंसी समेत सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सेवाएं देते आ रहे हैं वैश्विक महामारी कोविड-19 के प्रारंभ से ही अंतिम पंक्ति में खड़े होकर कोबिड से संबंधित सभी कार्य कर रहे हैं। जिसमें अपने कार्यों के निर्वहन के दौरान कई बार स्वयं संक्रमण का शिकार होने के साथ-साथ मौत को गले लगा ले रहे हैं। जिनके आश्रितों को सरकार के द्वारा बीमा योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है। आयुष चिकित्सकों को मिल रहे वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण पोषण तक ठीक से नहीं हो पा रहा है। अपनी मांगों के समर्थन में पिछले वर्ष भी राज्य के आयुष चिकित्सक आंदोलनरत थे। जहां सरकार के अभियान निदेशक एनएचएम के सकारात्मक आश्वासन पर आंदोलन खत्म किया गया था मगर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पुनः आयुष चिकित्सकों को आंदोलन का रुख अख्तियार करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि 8 से 12 जून तक सभी आयुष चिकित्सक काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे। बाद में सरकार द्वारा मांग नहीं माने जाने की स्थिति में सभी आयुष चिकित्सक उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की होगी। इस मामले में राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ,मुख्य सचिव, प्रधान स्वास्थ्य सचिव ,आपदा प्रबंधन मंत्री ,महाधिवक्ता आदि को मांग पत्र सौंपा जा चुकी है। प्रदेश स्तरीय संगठन के निर्णय के आलोक में पड़ोसी राज्य बिहार के तर्ज पर एनआरएचएम के तहत कार्यरत एमबीबीएस चिकित्सकों के समतुल्य मानदेय, भत्ता, एवं प्रतिवर्ष दस प्रतिशत वार्षिक वेतन बृद्धि तथा सेवा निवृति की उम्र 67 वर्ष करने संबंधी मांगों के समर्थन में बिरोध स्वरूप काला बिल्ला लगाकर चिकित्सकीय कार्य किया जा रहा है।