भवनाथपुर । गढ़वा । सेल आरएमडी पर 276 करोड़ का बकाया नोटिस भेज सकता है जेवीएनएल

भवनाथपुर से सोनू चौबे की रिपोर्ट

भवनाथपुर । गढ़वा । बिजली बिल की बकाया भुगतान को लेकर केंद्र सरकार की संस्थान डीवीसी द्वारा झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनल) को बिजली काटने की धमकी के बाद जेबीवीएनएल ने भी भवनाथपुर टाउनशिप स्थित केंद्र सरकार के अधिन सेल आरएमडी संस्थान के उपर बकाया 276 करोड़ रूपये बिजली बिल भुगतान करने का नोटिस जारी कर सकती है। इसकी पुष्टी बिजली विभाग के जेई वह सेल अधिकारी ने भी कि है। जबकि सेल प्रबंधन का कहना है, कि सेल ने बिजली बिल के रूप में ढ़ाई सौ करोड़ अधिक भुगतान किया है। इसे लेकर सेल द्वारा बिजली विभाग के विरुद्ध हाई कोर्ट में मामला भी दर्ज कराया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि हाई कोर्ट अपना फैसला सेल के पक्ष में देता है या जेबीवीएनल के पक्ष में देती है।
सेल प्रबंधन के अनुसार सन् 1984 से लेकर 1987 के बीच तक सेल में लगे मल्टीफ्लाइंग फैक्टर जो बिजली बिल का कैलकुलेशन होता है, वह 250 होनी चाहिए थी, लेकिन बिजली विभाग ने सेल से 250 की जगह 500 मल्टीफ्लाईंग फैक्टर का बिजली बिल कैलकुलेशन किया। सेल ने इसके एवज में अप्रैल 1984 से नवम्बर 1987 तक तीन वर्षो तक बिजली विभाग को दुगुना रेट से करीब 250 सौ करोड़ रूपये अधिक बिजली बिल का भूगतान किया। जानकारी होने के बाद सेल प्रबंधन ने बिजली विभाग के उपर गलत ढंग से दुगुना बिजली बिल का भुगतान लिये जाने का आरोप लगाया. इसके बाद इसकी जाँच को लेकर गया, डाल्टनगंज,गया एवं रांची,व सेल के अधिकारीयों की एक कमिटी बनाई गयी. जाँच कमिटी ने पाया कि बिजली विभाग ने 250 की जगह 500 मल्टीफ्लाईंग फैक्टर के जरिये बिजली बिल का कैलकुलेशन कर बिजली बिल के रूप में सेल से 250 करोड़ रूपये का अधिक भुगतान लिया है। कमिटी ने निर्णय लिया कि इसकी भरपाई सेल की मासिक बिजली बिल के जरिये की जायेगी. लेकिन बिजली विभाग ने वक्त इसकी भरपाई नही किया।

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सूत्रो के अनुसार जाँच कमिटी के निर्णय के विपरीत तब झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ने जब सेल द्वारा की गयी दुगुना बिजली बिल भुगतान का भरपाई नही किया। तब सेल के तत्कालीन विद्युत् मैनेजर आरएन मिश्रा ने नियम के विपरीत अक्टूबर 1994 से जनवरी 1995 तक यानी आठ माह तक बिजली विभाग को बिजली बिल का भुगतान नही किया, तो बिजली विभाग ने आठ माह का बकाया बिजली बिल पर चार्ज लगाते हुए बिजली बिल भेजना शुरू कर दिया जो आज जेबीवीएनल का सेल के उपर 276 करोड़ रूपये बिजली बिल लंबित है। बिजली विभाग द्वारा अधिक बिजली बिल की भरपाई नही किये जाने से क्षुब्द सेल ने वर्ष 1995 में बिजली विभाग के विरुद्ध गढ़वा सिविल कोर्ट में केस दर्ज कराई, सिविल कोर्ट ने 2008 में सेल के पक्ष में फैसला देते हुए कहा की झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के चल व अचल संपति से रिकवर कर सेल से बिजली बिल के रूप में लिये गए अधिक राशि का भुगतान किया जाये। सेल प्रबंधन की माने तो सेल के द्वारा 45 लाख रुपया झारखंड विधुत विभाग को सिक्युरिटी के तौर पर दिया गया था ,जिसका सुद के रूप में दि जाने वाली राशी को भि विभाग ने बिल में समाहित नही किया है।

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