नावा बाजार। पलामू। आखिर मर ही गयी, घायल नीलगाय कौन है, जिम्मेदार??

नावा बाजार। पलामू। कहा जाता इस पर्यावरण संतुलित रखने के लिये सभी का होना आवश्यक है, इस पर्यावरण में सभी का जीने का सामान अधिकार है, चाहे वो छोटे जीव हो या बड़े जीने का अधिकार तो सभी का है। ये पर्यावरण जितना मनुष्य का है, उतना ही पशु और पक्षियों का भी है, लेकिन आज एक घायल नीलगाय सही समय उपचार और देखरेख के अभाव में जिंदगी की जंग हार ही गई । जैसे कि आपको मालूम है, गुरुवार शाम साढ़े सात बजे, पलामू जिला अतर्गत नावा बाजार प्रखंड के कण्डा पंचायत के एस के एम ईट भट्टे के समीप एन एच 98 पर ट्रक की चपेट में आने से एक नीलगाय घायल हो गया था, जिसके पैर की टूट जाने के कारण वो चलने में असमर्थ हो गयी थी। मौके पर उपस्थित कुछ युवकों ने नीलगाय को सड़क से साइड में कर दिया था। जिसे लेकर तलाश टीवी नावा बाजार न्यूज़ रिपोर्टर नसीब खलीफा इस पर लगातार नज़र बनाये हुए थे , लगातार घायल नीलगाय की स्थिति को तलाश टीवी न्यूज़ पर दिखाया गया। लेकिन उस गुरुवार शाम से घायल नीलगाय को शुक्रवार दिन भर कोई वन विभाग या कोई भी सरकारी अधिकारी उसे देखने के लिये नही पहुचे।
जो इस नीलगाय की सही उपचार और देखरेख कर सके। वो एक जगह पर ही पड़ा रहा। नावा बाजार पशुपालन विभाग के श्रीनाथ होहँगा के सहयोग कर्मी हरिचंद कुमार मेहता द्वारा शनिवार को घायल नीलगाय को उपचार किया गया । लेकिन घायल नीलगाय जा था , जैसे था वैसे ही छोड़ दिया गया।
शनिवार शाम को देखरेख सही से नही होने के कारण घायल नीलगाय जिंदगी की जंग हार गई। और वो मार गई, लेकिन सवाल तो उठता की इसकी जान की जिमेवार कौन है?

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