नावा बाजार। पलामू।पर्यावरणविद कौशल ने छठ व्रतियों को दो ट्रक आम की लकड़ी दान किये

आम के लकड़ी दान करते पर्यावरणविद कौशल अन्य

>>आम के पौधे नहीं लगाए तो छठ पूजा में चंदन से भी महंगा आम के लकड़ी मिलेंगे कौशल : कौशल

नावा बाजार। पालम। शहर के कई आस्थानो पर छठ व्रतियों को सुखी हुई आम के लकड़ियों का दान जायसवाल टिंबर एवं तिनकोनिया गैरेज पर विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पर्यावरण धर्म व वन राखी मूवमेंट के प्रणेता पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल ने छठ व्रतियों  के बीच सूखी हुई आम के लकड़ियों को दान करते हुए कहा कि अगर आम के पौधे पर्याप्त मात्रा में नहीं लगाए गए तो एक दिन ऐसा वक्त आयेगा की लोगों को इस धार्मिक अनुष्ठान के लिए चंदन से भी ज्यादा कीमत आम की लकड़ी को देना होगा। पर्यावरणविद कौशल ने पिछले 26वर्षों से छठ पूजा मैं शहर वासियों को दीपावली के सुबह से छठ पूजा के खीर भोजन तक दो से तीन ट्रक प्रति वर्ष आम के सूखी लकड़ियां दान करते आ रहे हैं
पर्यावरण धर्मगुरु कौशल ने कहा कि पहले राजा महाराजा आम के बगीचे लगाते थे जो प्रकृति के नियमों के अनुकूल बगीचा में आम के पेड़ बूढ़ा हो कर गिर गए। अब कुछ ही बचे हुए हैं जो अभी तक आवश्यकता को पूरा करते आ रहा है। लेकिन अब नए आम के पौधे नहीं लगाए जाएंगे  तो  छठ पूजा में आम की लकड़ी कहां से आएगी। वन राखी मूवमेंट के प्रणेता ने कहा कि शहर में पत्थर कोयला और गैस की व्यवस्था आसानी  से  हो जाती है परंतु नेक निष्ठा और  लोक आस्था के  महान पर्व  छठ पूजा के प्रसाद आम के लकड़ी पर ही तैयार किया जाता है । इसी कारण कई लोग छठ पूजा में आम की लकड़ी 10 गुने महंगे दाम पर  बेचते हैं । उनकी सोच है कि  गरीब से गरीब लोग छठ पूजा करें तथा उनको आम के लकड़ी महंगी ना खरीदना पड़े  इसलिए 26 वर्षों से शहर वासियों को आम की लकड़ी और अपने जन्मभूमि गांव डाली बाजार में फूल, पूजा सामग्री और साड़ी पूर्वजों से दान करते आ रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि प्रमंडल के लगभग सभी आम का बगीचा बूढ़े हो कर गिर गए कहीं वज्रपात से सूखे हुए आम  के पेड़ों को खरीदी की जाती है नहीं मिलने पर उड़ीसा छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सुखी हुई आम के लकड़ी खरीदी कर इकट्ठा किया जाता है । तभी सुखी हुई आम की लकड़ी छठ पूजा में वितरण किया जाता है।  इस कार्य की पूरी जिम्मेवारी यूनिक प्लाई के प्रोपराइटर अरुण कुमार जायसवाल एवं ग्राम पंचायत डाली बाजार के मुखिया अमित कुमार जायसवाल को दिया जाता है । इस कार्य में बसंत सिंह अनुज कुमार गोपाल प्रसाद संतोष मेहता कामेश्वर विश्वकर्मा गोरख चौरसिया मुनेश्वर माझी की भूमिका भी सराहनीय रहती है। इस कार्यक्रम में उपस्थित अरविंद जयसवाल , रोहित जयसवाल ,डॉ:अर्पण जयदीप प्रोफेसर विकास अग्रवाल तालिबान गुप्ता आयुष कुमार थे।

26 total views, 1 views today