भवनाथपुर। गढ़वा । मधुमक्खी पालन से सालाना लाखों की कमाई

भवनाथपुर। बिहार राज्य के मुज्जफरपुर जिले के निवासी हरेंद्र यादव इन दिनों भवनाथपुर के सिंघीताली गावँ में आ कर मधुमखी पालन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि यह एक कृषि आधारित उद्योग है ।मधुमखीयाँ फूलों को रस को शहद में बदल देती हैं और उन्हें छतों में जमा करती हैं । जंगलों से मधु एकत्र करने की परम्परा लंबे समय से लुप्त हो रही है । बाजार में शहद और इसके उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण मधुमखी पालन अब एक लाभदायक और आकर्षक उद्यम के रूप में शहद आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है उन्होंने बताया कि बिहार में बनतुल्सी और ज्यादा जंगल न होने के कारण हमलोग झारखण्ड आ कर मधुमखी पालन कर रहे हैं इस से हमलोगों को साल में लाखों रुपये का आमदनी हो जाता है ।लेकिन सरकार मधुमखी पालन पर ज्यादा जोर दे मधुमखी पालक को परिशिक्षण दे तो और ज्यादा कमाई किसान कर सकते हैं. सरकार के द्वारा योजना तो कई हैं लेकिन धरातल पर उतना नही उतर पता है हमलोग को लोन के लिए भी कई बार चक्कर काटने पर भी समय पर नही मिल पाता है उन्होंने किसानों से मधुमखी पालने की अपील की.

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