गढ़वा । उप विकास आयुक्त ने विकास योजनाओं का लिया जायजा

गढ़वा । ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित जिला स्तरीय बैठक उप विकास आयुक्त सत्येंद्र नारायण उपाध्याय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा करते हुए उप विकास आयुक्त ने बताया कि सभी उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी को सोशल ऑडिट टीम द्वारा अगस्त माह में तीस हजार डिमांड मजदूरों को काम देने हेतु दिया गया था। जिसके विरुद्ध बीस हजार मजदूरों को काम उपलब्ध कराया गया। तथा सितंबर माह में 9600 डिमांड मजदूरों को कार्य देना था। उसी के उपरांत 2100 लोगों को काम मुहैया कराया गया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए सभी उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी से अपने अपने प्रखंड के विकास हेतु एवं जितने भी टारगेट दिए गए हैं उन्हें जल्द से जल्द पूरे करने के निर्देश के साथ विशेष पूर्वक ध्यान देने की बात कही। उन्होंने मानव दिवस सृजन में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को 18 सितंबर से 22 अक्टूबर तक चल रहे अभियान में दिए गए लक्ष्य के विरूद्ध में प्रखंड बरडीहा, बिशुनपुरा, धुरकी की न्यूनतम प्रगति होने पर उन्हें विशेष निर्देश देते हुए अपने अपने प्रखंडों के पंचायत सेवक एवं रोजगार सेवक की समीक्षा एवं जायजा लेने की बात कही। तथा कार्य में प्रगतिशील रहने की बात भी दोहराई गई। साथ ही समीक्षा के उपरांत कार्रवाई हेतु प्रतिवेदन जिला को उपलब्ध कराने को कहा गया। बताते चलें कि उप विकास आयुक्त ने सभी लंबित योजनाओं को अभियान के दौरान अधिक से अधिक पूर्ण कराए जाने को कहा। पूर्ण कराने में सबसे खराब स्थिति की जायजा लेते हुए बरडीहा, बरगढ़ ,डंडा, डंडई, रमना, सगमा प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी को समीक्षा कर योजनाओं को यथासंभव शीघ्र पूर्ण कराए जाने को कहा गया। इसके अतिरिक्त डोभा, तालाब को भी पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने बताया कि अभिसरण के तहत निर्माण हो रहे शॉक पीट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वर्मी कंपोस्ट योजनाओं को अधिक से अधिक संख्या में लेकर इसे पूर्ण कराएं एवं सभी बीडीओ को निर्देशित करते हुए कहा कि मनरेगा के तहत श्रमिकों का रिजेक्ट हुए खातों का सत्यापन कर 1 सप्ताह के अंदर इसे भुगतान कराये जाने की बात कही। वही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लक्ष्य के विरुद्ध लंबित रजिस्ट्रेशन पूर्ण कराए जाने एवं रजिस्ट्रेशन हुए आवासों का जियो टैग कराए जाने की बात के साथ-साथ सैंक्शन आवास के विरूद्ध पहला किस्त देते हुए इसे ना लंबित रखने का निर्देश दिया गया।

मौके पर उपायुक्त गढ़वा राजेश कुमार पाठक के द्वारा सभी जिला बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की गई। समीक्षा के क्रम में अपनी-अपनी आंगनबाड़ी क्षेत्र में सभी गर्भवती माताओं एवं धात्री माताओं की सूची तैयार कर गर्भवती माताओं को हेल्थ चेक कराने एवं आवश्यकता अनुसार प्रतिदिन आंगनवाड़ी सेंटर में गर्भवती महिलाओं को हेल्थ जांच कराए जाने को कहा गया। उपायुक्त गढ़वा ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से बताया कि आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका को डोर टू डोर विजिट कर गर्भवती माताओं, धात्री महिलाओं का पता लगा कर उनका जल्द से जल्द मेडिकल जांच कराएं एवं उनसे जुड़ी जितने भी हेल्थ यीशु हैं । उनकी समीक्षा कर कैल्शियम की गोली, होमो ग्लोबिन की जांच, टिटनस, आयरन की गोली अन्य स्वास्थ्य संबंधी दवाओं को उपलब्ध कराएं तथा कितनी महिलाओं की जांच की गई है इनकी संख्या 15.10. 2020 के बैठक में इसे उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए एवं इसका विशेष ध्यान रखें कोई भी ग्रामीण महिलाएं इस लाभ से छूटने ना पाए। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को इस कार्य हेतु निर्देश दिया जिला बाल विकास परियोजना पदाधिकारी का इस कार्य में सहयोग करें।

उक्त बैठक में उपायुक्त राजेश कुमार पाठक के अलावे उप विकास आयुक्त सत्येंद्र नारायण उपाध्याय, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कमल कुमार सिंह, सभी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिले के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं अन्य शामिल थे।

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