नावा बाजार। पलामू। मनरेगा कर्मी के लगातार छठे दिन हड़ताल जारी

नावा बाजार । पलामू । नावा बाजार सहित झारखंड राज्य भर के मनरेगा कर्मी, लगातार छठे दिन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। इस बीच विभाग के अधिकारियों द्वारा मनरेगा कर्मियों का हड़ताल विफल करने के लिए तमाम तरह के षड्यंत्र किए जा रहे हैं। लेकिन मनरेगा कर्मी लड़ाई के मैदान में एक इंच जमीन खाली करने के लिए तैयार नहीं हैं। जिला अध्यक्ष विकास पाण्डेय ने कहा कि विभाग के अधिकारी द्वारा हताशा में कई ऐसे आदेश दिए जा रहे हैं, जो मनरेगा कानून का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन है। झारखंड के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं पंचायत सचिवों पर डोभा एवं तालाब सहित मनरेगा के अन्य योजनाओं में फर्जी डिमांड एवं मस्टरोल निर्गत करने के लिए अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। कहा जा रहा है। कि मजदूरों से डिमांड प्राप्त न हो, तो भी जिन मजदूरों ने 18 जुलाई से 24 जुलाई के बीच, जिस योजना में काम किया है, उनका उसी योजना में पुनः मास्टर रोल निर्गत कर दिया जाए। इस संबंध में निर्गत सभी पत्रों एवं व्हाट्सएप संदेशों का संग्रह मनरेगा संघ के पदाधिकारी कर रहे हैं, जिसे वार्ता के दौरान, माननीय मंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी को दिखाया जाएगा। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया से अनुरोध किया है कि जिन योजनाओं में फर्जी मस्टररोल निकाले जा रहे हैं उस सभी योजना स्थल पर, मीडिया के प्रतिनिधि जाकर तहकीकात करें, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि किसी भी योजना में मजदूर कार्यरत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी मनरेगा कर्मियों का विकल्प खड़ा करने में जितना ऊर्जा लगा रहे हैं, उसका 1% भी मनरेगा कर्मियों के कल्याण के लिए लगाया होता तो आज यह विकट स्थिति सरकार के सामने उत्पन्न नहीं हुए होती।
झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ और इसी संघ के बैनर तले राज्य भर के मनरेगा कर्मचारी चट्टानी एकता के साथ हड़ताल में है। हमारे कुछ साथी अगर अधिकारियों के बहकावे में आकर संघ के साथ गद्दारी करने जा प्रयास करेंगे, तो संघ उन पर संघ विरोधी गतिविधियों के लिए, संघ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा तथा भविष्य में उनके किसी भी संकट में संघ उनका साथ नहीं देगा। किसी घटना या दुर्घटना होने पर संघ द्वारा स्थापित कल्याण कोष से उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक सरकार के साथ संघ का कोई वार्ता नहीं हुआ है। जबतक सकारात्मक वार्ता नहीं हो जाता तब तक राज्य भर के साथी हड़ताल पर डटे रहेंगे। संघ को तोड़ने के उद्देश्य से विभागीय अधिकारियों द्वारा अफवाह फैलाया जा रहा है, यह सरकार की एक चाल है। ताकि कुछ साथी भ्रम का शिकार होकर हड़ताल से वापस आ जाएं। लेकिन जब तक हमारी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार से सकारात्मक एवं लिखित वार्ता नहीं हो जाती तब तक हड़ताल से लौटने का कोई इरादा नहीं है।

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