नावा बाजार। मेदिनीनगर।पलामू। पलामू में लगेगा वेजिटेबल/फ्रूट डिहाइड्रेटर :उपायुक्त

> स्ट्रोबेरी, ब्रोकली, शिमला मिर्च व बेबी कॉर्न की होगी खेती, पौधा क्रय करने की चल रही तैयारी

> 30 आंगनबाड़ी केन्द्र को Modern Play School के रूप में किये जाएंगे विकसित

> पाटन व लेस्लीगंज में औद्योगिक केन्द्र का होगा अधिष्ठापन

> प्रत्येक प्रखंडों में चिकित्सकों की होगी नियुक्ति/प्रतिनियुक्ति

> विशेष केंद्रीय सहायता समिति की जिला स्तरीय समिति की बैठक

नावा बाजार। मेदिनीनगर।पलामू। जिले में कृषि कार्य को बढ़ावा दिया जाएगा।  पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नए फसल लगवाने को लेकर पलामू जिला प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। एक ओर जहां स्ट्रोबेरी, ब्रोकली, शिमला मिर्च व बेबी कॉर्न की खेती के लिए पौधा क्रय करने की तैयारी चल रही है। वहीं दूसरी ओर वेजिटेबल/फ्रूट डिहाइड्रेटर लगाने की योजना का चयन एवं अनुमोदन कर दिया गया है। उक्त निर्णय उपायुक्त श्री शशि रंजन की अध्यक्षता में आयोजित विशेष केंद्रीय सहायता की जिला स्तरीय समिति की बैठक में ली गई। बैठक में इसका चयन अनुमोदन किया गया।

उपायुक्त ने पलामू में कृषि कार्य को विकसित करने के अलावा सिंचाई सुविधा देने और यहां बेहतर शिक्षा व स्वास्थय की भी परिकल्पना करते हुए इसकी बेहतरी के लिए बड़ी लकीर खीची है।

सिंचाई सुविधा के सुदृढ़ीकरण को ध्यान में रखते हुए सुदृढ़ीकरण योजना के तहत कृषि भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु डीप बोरिंग का अधिष्ठापन को अनुमोदित किया गया। वहीं गांवों में शुद्ध पेयजलापूर्ति हेतु वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने संबंधित निर्णय लिए।

बच्चों को शुरू से बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए विशेष केंद्रीय सहायता के जिला स्तरीय समिति की बैठक में 30 आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडर्न प्ले स्कूल के रूप में विकसित करने हेतु प्रस्ताव का चयन एवं अनुमोदन किया।  पांच स्मार्ट विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनकर तैयार है। यहां साइंस लैब, शुद्ध पेयजल आपूर्ति,  पुस्तकालय, शौचालय इत्यादि अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

इतना ही नहीं बैठक में रोजगार सृजन पर भी विचार करते हुए पाटन एवं लेस्लीगंज में औद्योगिक सिलाई केंद्र का अधिष्ठापन का अनुमोदन हुआ। यहां 50-50 औद्योगिक सिलाई मशीन का एक-एक यूनिट लगाए जाने की योजना है।उपायुक्त ने जिले 5 गांवों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का चयन एवं अनुमोदन किया। इसके अलावा *सेनेटरी नैपकिन का निर्माण, उसका वितरण एवं बिक्री के  एजेंडे पर चर्चा के बाद अनुमोदित किया गया, रोजगार के साथ पलामू में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन हो सके और स्वस्थ पलामू निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

बैठक में स्मार्ट विलेज का चयन करने संबंधित चर्चा की गई। साथ ही *मल्टी लेयर फार्मिंग के अंतर्गत विशेष केंद्रीय सहायता से अनुपूरक राशि पर चर्चा हेतु सहयोग की आवश्यकता बताई गई।
सूदूरवर्ती गांवों में संपर्क स्थापित करने हेतु प्राथमिकता के आधार पर पुल/पुलिया का निर्माण कराने के प्रस्ताव का चयन एवं अनुमोदन किया गया।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि पलामू वासियों को बेहतर स्वाथ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी को सक्रियता से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने सिविल सर्जन को सभी प्रखंडों में चिकित्सकों की नियुक्ति/प्रतिनियुक्ति करने का निदेश दिया, ताकि आम जनों नजदीक में स्वास्थय लाभ मिल सके। लोगों को स्वास्थ सुविधा देने में और सुविधा हो इसके लिए 200 बेड खरीदने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें 10-10 बेड सीएचसी को भी उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं कोरोना वायरस (कोविड-19) के मद्देनजर पीएमसीएच परिसर में सैंपल कलेक्शन सेंटर निर्माण, प्रोटेबल एक्स-रे व एक और डिजिटल एक्स-रे लगाने पर विचार-विमर्स किया गया। बैठक में उपायुक्त श्री शशि रंजन, एसपी अजय लिंडा, सीआरपीएफ के कमांडेंट, वन प्रमंडल पदाधिकारी के अलावा उप विकास आयुक्त शेखर जमुआर, सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी, जिला योजना पदाधिकारी अरविंद कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आफताब आलम, डीपीएम दीपक कुमार, एडीएफ अक्षय चौहान, चितवन आदि उपस्थित थे।

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