रेहला | विश्रामपुर | पलामू | उंटारी रोड प्रखंड के प्राचीन सिद्धपीठ शिव संपत धाम पर बनेगा भव्य मंदिर

जानकारी देते समिति अध्यक्ष
शिव संपत धाम व इनसेट में मंदिर का प्रारूप

> आगामी पांच अगस्त को होगा भूमि पूजन,तैयरी जोरो पर
विश्रामपुर | पलामू | उंटारी रोड प्रखंड स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री शिव संपत धाम पर भव्य मंदिर बनेगा.मंदिर निर्माण हेतु आगामी पांच अगस्त को भूमि पूजन होगा.भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयरी जोरो पर चल रही है.इस आशय की जानकरी खैरांचल विकास समिति के अध्यक्ष पूर्व जिला पार्षद अरविंद कुमार सिंह ने दी.श्री सिंह ने बताया कि समिति की बैठक में भव्य मंदिर निर्माण का निर्णय लिया गया है.मंदिर निर्माण हेतु उड़ीसा से कारीगर बुलाये जायेंगे. मंदिर के गुम्बद की ऊंचाई 50 फिट होगी.उन्होंने कहा कि भूमि पूजन के बाद प्रखंड स्तरीय एक बृहत बैठक बुलायी जायेगी.जिसमे खैरांचल क्षेत्र के दर्जनों गांव के सैकड़ो धर्मप्रेमी शामिल होंगे.उसी प्रस्तावित बैठक में मंदिर निर्माण कमेटी का गठन किया जायेगा.मंदिर निर्माण हेतु मस्टर प्लान भी तैयार किया जायेगा.प्रयास होगा कि मंदिर निर्माण कार्य में ज्यादा से ज्यादा लोगो की सहभागिता हो.मंदिर निर्माण के लिये कोष संग्रहण हेतु व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जायेगा.उन्होंने बताया कि पांच अगस्त को भूमि पूजन के बाद मंदिर निर्माण हेतु आधारशिला रखी जायेगी.मंदिर निर्माण की आधारशिला रेहला ग्रासिम इंड्रस्टीज के जनसंपर्क एवं सुरक्षा प्रमुख जे जे सिंह रखेंगे.जबकि कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उंटारी थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार राय मौजूद रहेंगे.भूमिपूजन कार्यक्रम की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है.
> चरवाहे को मिली थी देव प्रतिमा
खैरांचल क्षेत्र के बुजुर्गों की माने तो वर्षो पूर्व एक चरवाहे को देव प्रतिमायें मिली थी.संपत नाम का एक चरवाहा पहाड़ की तलहठि में प्रतिदिन गाय चराने जाया करता था.इसी दौरान एक दिन उसे एक पत्थर से ठोकर लगी.गुस्से में चरवाहा संपत ने उस पत्थर को खोदकर बाहर फेंक दिया.पत्थल के नीचे गढ्ढे से उसे शिवलिंग सहित कई देव प्रतिमायें मिली.इसकी जानकारी चरवाहा संपत ने ग्रामीणों को दी.ग्रामीणों ने खुदाई में निकले देव प्रतिमाओं को एक चबूतरे का निर्माण कर उसपर स्थापित कर दिया.उसके बाद वहां पूजा-अर्चना भी शुरू हो गयी.देखते ही देखते वह चबूतरा व उसपर स्थापित देव प्रतिमायें खैरांचल क्षेत्र के आस्था का केंद्र बन गया.दूर-दूर से लोग वहां अपनी मन्नत लेकर पूजा-अर्चना करने जाने लगे.पूजा-अर्चना के बाद लोगों की मन्नतें भी पूरी होने लगी.धीरे-धीरे यह धर्मस्थल शिव संपत धाम के नाम से प्रसिद्ध हो गया.
> तीर्थ स्थल का दर्जा प्राप्त करने का किया जायेगा प्रयास-अरविंद सिंह
खैरांचल विकास समिति के अधयक्ष सह मंदिर निर्माण के प्रणेता अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि भव्य मंदिर निर्माण के बाद शिव संपत धाम को राष्ट्रीय स्तर पर तीर्थ स्थल का दर्जा प्राप्त करने का प्रयास किया जायेगा.शिव संपत धाम परिसर को पर्यटक स्थल के रूप में भी विकसित किया जायेगा.श्री सिंह ने इस धर्मिक कार्य मे क्षेत्र वासियों व धर्म प्रेमियों से सहयोग की अपील की है.

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