डंडई । गढ़वा । प्रखंड के विभिन्न नदियों से हो रहा है अवैध बालू का धुलाई

डंडई से चुनमुन चौधरी की रिपोर्ट

डंडई । गढ़वा । रोक के बाद भी प्रखंड क्षेत्रों में बालू का अवैध ढुलाई रुकने का नाम नहीं ले रहा है । पिछले 2 महीनों से बालू की अवैध धुलाई क्षेत्रों तकमें जोरों पर हो रही है। ट्रैक्टर मालिकों के द्वारा इन दिनों दिन के बजाय रात में भी बालू की धुलाई की जा रही है । उस दौरान उक्त लोगों के द्वारा कम से कम 50 गाड़ी से भी ज्यादा प्रत्येक दिन उक्त नदी से बालू का उत्खनन किया जा रहा है। यहां तक कि जगह जगह पर बालू का भंडारण कर उसे मनमाने दर पर भी उनके द्वारा बेचने का भी काम किया जा रहा है। जिसका प्रतिकूल प्रभाव सीधे तौर पर पीएम आवास के साथ-साथ शौचालय के लाभुकों पर पड़ रहा है। जबकि स्थानीय पुलिस प्रशासन आज तक इससे बेखबर बना हुआ है । बताते चलें कि उस और ट्रैक्टर मालिकों की सक्रियता इतनी बढ़ गई है कि डंडई स्थित यूरिया नदी में बालू समाप्त हो जाने पर अब उनके द्वारा दानारो नदी मैं भी हाथ लगा दिया गया है। उक्त नदी से भी तकरीबन 40 से 50 गाड़ी प्रत्येक दिन बालू का उत्खनन हो रहा है ।जिससे नदी का अस्तित्व अब धीरे-धीरे मिटने के कगार पर होने लगा है। दनारो नदी से बालू का अवैध खनन होना शुरू कर दिया गया है। वही उसके तट पर विभिन्न तरह के किसानी का काम कर रहे लोगों के बीच खेती को लेकर संसाय बनना शुरू हो गया है । लोगों का कहना है कि जिस नदी से आज तक बालू का उत्खनन नहीं हुआ था ।उक्त नदी में भी अब बालू का उत्खनन को लेकर लोगों के द्वारा हाथ लगा दिया गया है ।साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि एक तो नदी का बाढ़ से हम सभी का खेत हर साल कुछ न कुछ उस में समाते जा रहा था। लेकिन अब बालू का उत्खनन होने से नदी का आकार और बढ़ता जाएगा ।जिस कारण एक दिन हम सभी को नदी के किनारे के सभी भूमि से हाथ धोना पड़ जाएगा ।जिसका असर हम लोगों के बाल बच्चों पर स्वाभाविक तौर पर पड़ेगा । वहीं ग्रामीणों ने कहा कि इस महंगाई के दौर में खेत की उपज के बिना सभी तरह के सामग्रियों को खरीद कर खाना बड़ी मुश्किल है. जीविकोपार्जन के साधन में खेती बारी का उपजा पैदा बहुत ही कारगर होता है।

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