रेहला (पलामू) :- सिलिकोसिस लाइलाज बीमारी,धूल कणों को फैलने से रोके

कार्यशाला में मौजूद लोग

रेहला (पलामू) :- विश्रामपुर : रेहला ग्रासिम इंड्रस्टीज परिसर में निरीक्षणालय की ओर से बुधवार को सिलिकोसिस बीमारी की रोकथाम पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.जहां ऑडियो व विजुअल के माध्यम से बताया गया कि सिलिकोसिस एक ऐसी बीमारी है जो सिलिकॉन की सूक्ष्म कणों को सांस के द्वारा फेफड़े में जाने के कारण होती है जो बीमारी लाइलाज है.बचाव ही इसका एक मात्र इलाज है.कार्यशाला में मेदनीनगर अंचल कारखाना निरीक्षक परमानंद प्रसाद ने बताया कि फायर थर्मल, पावर प्लांट,कोल इंडस्ट्री,स्टोन क्रेशर,ग्लास इंडस्ट्री आदि में उत्पन्न धूल कानों के द्वारा यह हो सकती है.निरीक्षक रांची अंचल व कारखाना निरिक्षक शिवानंद लांगुरिया ने जानकारी दी कि ऐसे उद्योगों में धूल कानों को वातावरण में फैलने से रोकने के लिए इंजीनियरिग कंट्रोल मैथर्ड,व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण,नियमित चिकित्सकीय जांच जरूरी है.जंसम्पर्क एवं सुरक्षा प्रमुख
ज्योति जंग सिंह व चंदन राय ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये कहा कि समय समय पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं मानवाधिकार द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया और कहा कि धूल चयनित कारखानों कानूनों के प्रावधानों का अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित करना है कार्यशाला में जयपाल सिंह,अमित कुमार,अनिल गिरी,राकेश तिवारी सहित,सुमंगल,कमपीटेंट प्लोमायर,केजी इंड्रस्टीज आदि कारखानों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे.

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