डंडई(गढ़वा): मनरेगा कानून में कमीशन खोरी का मामला आया सामने,41℅ राशि पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के द्वारा लिया गया कमीशन

डंडई(गढ़वा): मनरेगा कानून में कमीशन खोरी होने का मामला प्रकाश में आया है ।उक्त कानून के अंतर्गत कार्यान्वित हो रही योजनाओं के नाम पर केंद्र सरकार के द्वारा भेजी जा रही राशि का 41% राशि कमीशन के रूप में पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों के भेंट चढ़ कर रह जा रहा है। लगभग आधी राशि कमीशन खोरी का भेंट चढ़ जाने से खासकर स्ट्रक्चर जैसे कार्यों की गुणवत्ता पर असर पड़ना लाजमी है ।अपना नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर मनरेगा सिंचाई कूप का एक लाभुक ने उसके बारे में विस्तृत जानकारी दी है। लाभुक ने बताया कि लगभग 2 वर्ष पहले अपने कूप निर्माण कार्य को पूर्ण करने के बाद पहली बार ₹57106 भुगतान के लिए भेंडर कशमुद्दीन अंसारी के खाते में राशि डाली गई।वही उक्त राशि के आलोक में बताया गया कि लगभग ₹21000कमीशन के रूप में कटौती कर शेष राशि ₹36419 उक्त वेंडर के द्वारा मुझे दिया गया। साथ ही लाभुक ने बताया है कि कटौती की गई राशि के बारे में पूछने पर उस दौरान भेंडर के द्वारा बताया गया कि कटौती की गई राशि अधिकारी व जनप्रतिनिधियों के हिस्से की राशि है। उनमें पंचायत सचिव, रोजगार सेवक , मुखिया तथा वेंडर का पांच पांच प्रतिशत जबकि बीपीओ का 2% के साथ साथ 2% रॉयल्टी और 12% जीएसटी टैक्स के रूप में राशि की कटौती की गई है। इसके अलावा कनीय अभियंता को भी कमीशन के रूप में अलग से 5% की दर से राशि देने की बात लाभुक ने बताई है। पूछने पर भेंडर कसमुद्दीन अंसारी ने बताया कि किसी के हिस्से का कमीशन की राशि की कटौती मेरे द्वारा नहीं की गई है ।उन्होंने सीधा इससे इंकार किया है। बीडीओ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि मेरे कार्यकाल में भ्रष्टाचारियों की कोई जगह नहीं है, उन्होंने कहा कि जांच कर विधि संबंध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही
वीडियो सुनील कुमार  ने बताया कि मनरेगा एक कानून है जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी इसे योजना समझने की भूल ना करें।

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