बंशीधर नगर(गढ़वा): रेखा चौबे का बोल तीखा भानु का ठुमका है निंदनीय

बंशीधर नगर(गढ़वा):पूरा देश पुलवामा में वीर शहीद सैनिकों के कारण बड़े सदमे में है। अभी तक वीर शहीद सैनिकों की चिंता ठंडी भी नहीं हुई है। उनके घरों के चूल्हे अभी जलना शुरू नही किया। वहीं दूसरी ओर विधायक भानु प्रताप शाही के द्वारा गरीब बहनों के शादी के नाम पर , ठुमके लगाने का कार्य किया जा रहा है। जिसकी मैं तीव्र भर्त्सना करती हूं । उक्त बातें प्रेस वार्ता के दौरान जिला परिषद उपाध्यक्ष रेखा चौबे ने शुक्रवार को जल क्रांति भवन में कहा । उन्होंने कहा एक और देश की दो सबसे बड़ी पार्टियां अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रम स्थगित करके वीर सैनिकों के साथ खड़ा है । इसका मात्र कारण है कि राजनीति या किसी भी कार्य से बड़ा देश होता है। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी को बताना चाहती हूं कि भानु प्रताप शाही का इतिहास नक्सलियों का चप्पल जूता पहुंचाने का है। आप सब जानते हैं इसलिए मैं कह सकती हूं कि भानु प्रताप शाही द्वारा पाकिस्तानी आईएसआई से मिलकर ठुमके लगाने का कार्य स लिए तो नहीं किया जा रहा है जिससे जो जनता आज देश के साथ खड़ी है वह खेशारी लाल के ठुमके में देश को भूल जाए। इस बात की जांच कराने की मांग करते हैं , साथ में हुर्रियत नेताओं और कश्मीर अलगाववादी नेताओं की तर्ज पर भानु प्रताप शाही से भी सभी सरकारी सुविधाओं को वापस लेने की मांग माननीय मुख्यमंत्री जी से करती हुँ। उन्होंने कहा नौजवान संघर्ष मोर्चा स्थापना दिवस के अवसर पर जहां मुख्यमंत्री जी के आगमन और महामहिम राज्यपाल के आगमन की भ्रामक प्रचार किया गया था यह सब एक मिथ्या था मैं आप सब को बताना चाहती हूं कि एक भाई कहता है कि मैं मुख्यमंत्री को बुला रहा हूं , वही दूसरा भाई कहता है कि मैंने मना कर दिया है। क्योंकि मैं भी पार्टी से हूं और मैं माननीय मुख्यमंत्री जी के बारे में जानती हूं कि भ्रष्टाचार से कभी समझौता नहीं कर सकते। उनका पूरा जीवन खुली किताब है । कार्यक्रम में आने की बात तो दूर ऐसे कार्यक्रम में वह पलट कर भी नहीं देखते । मैं भानु प्रताप शाही जी से कहना चाहती हूं वास्तव में अपने पाप को धोना चाहते हैं तो, जनता के लूटे गए ₹4000 करोड़ सरकारी खजाने में सूद समेत वापस करे।
मैं भानु प्रताप शाही को मुख्यधारा में वापस होने का स्वागत करती हुँ बशर्ते कि अपने मंत्रित्व काल में किए गए घोटाले का पैसा सरकार के खजाने में जमा करा दे ।उनके द्वारा किया गया स्थापना दिवस का कार्यक्रम पूरी तरह फ्लाप रहा । खेसारी लाल के नाम पर गरीब, निरिह जनता को बुलाकर अपने गुर्गों के द्वारा पत्थरबाजी कराकर उन्हें पिटवा कर अपने दिल की भड़ास को निकाल लिया। मैं बस इतना ही कहना चाहती हूं कि गरीबों का निवाला का घोटाला करने वाला कभी गरीबों का हितैषी नहीं हो सकता और एक राजा कभी सेवक नहीं बन सकता इतिहास इस बात का गवाह है । प्रेस वार्ता में राकेश चौबे,विमलेश पांडेय, सहित अन्य उपस्थित थे।

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