भवनाथपुर(गढ़वा)आगामी लोकसभा चुनाव के मद्दनेजर बीडीओ व सीओ ने कई मतदानकेन्द्रों का लिया जायजा

विधालय का उद्घाटन करते मुखिया पति व बच्चे

भवनाथपुर:प्रखंड के पंडरिया पंचायत के धनिमंडरा के ग्रामीणों के आठ महीने के संघर्ष के बाद एनपीएस सुगवादामर मे विलय हुए रा०प्रा० विधालय धनिमंडरा को विलय से मुक्त करते हुए खोल दिया गया.

ग्रामीणों ने विधालय खुलने कि खुशी मे समारोह आयोजित कर बच्चों व मुखिया पति कामेशवर सिंह के हाथो फिता काट कर विधालय खोल कर खुशी का ईजहार किया. सैकडो कि संख्या मे ग्रामीणों ने उपस्थित होकर गरिबो कि जित बताई.कहा सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही. ग्रामीणों ने कहा पिछले आठ माह से विधालय बंद कर दिया गया था. आज खचल गया खुशी कि बात है.कहा बीडीओ विशाल कुमार, बिईईओ राकेश कुमार के अथक प्रयास से हमलोगो को सफलता मिली है .हम सभी ग्रामीण दोनो अधिकारियों को दिल से आभार करते है और उनके द्वारा किया गया काम सदा गांव याद रखेगा.इस मौके पर सुनिल पासवान, उदय विआर,जयप्रकाश पासवान, सर्वेश पासवान, शिवपारस विआर,रामचंद्र पासवान, ललन विआर,सुरेश पासवान, कैलाश विआर सहित सैकडो ग्रामीण थे.

*कया मामला था*

झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा जिन विधालयो मे बच्चों कि उपस्थित बहुत कम थी उस विधालय को बंद कर बगल वाले विधालय मे विलय करने का आदेश दिया गया था. जिसके आलोक मे तत्कालिन बिईईओ कौशल किशोर चौबे द्वारा आदेश के विरूद्ध काम किया.एनपीएस सुगवादामर मे मात्र 35 नामांकित बच्चे थे जबकि राजकीय प्राथमिक विधालय धनिमंडरा मे 63 नामांकित बच्चे. लेकिन एनपीएस सुगवादामर को विलय करने के बजाए धनिमंडरा का विलय कि अनुशंसा कर दिया.
जिसके बाद 20 जुन से रा प्रा विधालय धनिमंडरा बंद कर दिया गया. इसके बाद ग्रामीणों मे विधालय विलय से गुस्सा फुट पडा. ग्रामीणों ने अपने बच्चों को एनपीएस सुगवादामर कभार नहीं जाने दिया ,ग्रामीण खुद बच्चों को विधालय मे पढाना शुरू किया. विधालय खोलवाने को लेकर बिईईओ से लेकर उपायुक्त तक को आवेदन दिया लेकिन मामला कू नहीं. अंत मे थक कर 27 दिसंबर 18 से प्रखंड कार्यालय पर ग्रामीणों ने आमरण अनशन शुरू किया. अनशन के पहले दिन ही अधिकारी ने तिन माह मे विधालय खोलवाने का भरोसा दिया. लेकिन समय से पहले ग्रामीणों कि मांग पुरी हुई. गांव मे खुशी का माहौल है.

17 total views, 1 views today