केतार(गढ़वा) : लोहरगड़ा पँचायत को मेरौनी चरहत करने एवम भारत सरकार के जनगणना पर ग्रामीणों ने जमकर किया विरोध

केतार(गढ़वा) : प्रखंड के लोहरगड़ा पंचायत इस्थित लोहरगड़ा ग्राम के ही सैकड़ो ग्रामीणों के द्वारा मंगलवार को पंचायत भवन पहुंच कर पिछले दिनों मेरौनी गांव के लोगो द्वारा सड़क जाम कर लोहरगड़ा पंचायत का नाम बदलकर मेरौनी चरहट करने एवम भारत सरकार के जनगणना पर आलोचना किए जाने का जम कर विरोध किया। ग्रामीण कुन्दन मेहता, रामब्रत मेहता, रमाकांत कुमार, मनोज कुमार बिनोद राम, सन्तोष चौधरी, नंदू राम, सुरेंद्र मेहता, बुचु पासवानबसन्त मेहता, शिवनाथ चन्द्रवंशी, नारद शर्मा, गिरजाघर साह, असर्फी चौधरी, छुन्नू राम, बेलास चंद्रवंशी इत्यादि ने बताया कि 2001 में भारत सरकार के द्वारा किया गया जनगणना बिल्कुल सही है. और उसी के आधार पर लोहरगड़ा पंचायत का गठन किया गया है परन्तु मेरौनी ग्राम बड़े बड़े लोग हम सभी को पिछड़ा एवम गरीब असहाय समझ कर हम सभी का अधिकार छिनने का काम किया जा रहा है एवम एकता बनाकर अधिकारियों को भी गुमराह किया जा रहा है,जो सरासर गलत है।वहीं उपस्थित ग्रामीणों ने पूर्व व वर्तमान मुखिया पर लोहरगड़ा गांव को उपेक्षित रखने का गम्भीर आरोप लगाया. एवम कहा कि पूर्व मुखिया विनय तिवारी एवम बर्तमान मुखिया बिनोद सिंह लोहरगड़ा ग्राम में पंचायत भवन होते हुए भी मेरौनी गांव में किराए पर मकान ले कर सारा काम का निष्पादन किया जाता रहा है,पंचायत भवन का सारा उपस्कर मेरौनी में ही रखा गया है। तथा आज तक लोहरगड़ा पंचायत भवन पर एक भी ग्राम सभा एवं आम सभा नही किया गया है. मुखिया बिनोद सिंह साजिस के तहत पंचायत का सारा ग्राम सभा एवम आमसभा मेरौनी में ही करते हैं।आक्रोशित लोहरगड़ा के ग्रामीणों ने पदाधिकारियों एवम मुखिया को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देकर चेताया है कि अगर पंचायत भवन का नाम बदलने की साजिस नही रोका गया और उपस्कर उपलब्ध नही किया गया,साथ ही पंचायत का सारा कार्य कार्यालय से निष्पादन शुरू नही किया गया तो हम सभी लोहरगड़ा के ग्रामीण प्रखंड भवन पर आमरण अनशन करने को बाध्य हो जाएंगे।

इधर लोहरगड़ा पंचायत के वर्तमान मुखिया बिनोद सिंह ने कहा कि मैंने कभी किसी के साथ भेद भाव नही किया, अर्धनिर्मित भवन का स्टीमेट रिभाइज करा कर भवन जल्द से जल्द बनवाने में लगे है ताकि पंचायत का सारा कार्य लोहरगड़ा पंचायत से ही निष्पादन हो सके।मैं भवन के अभाव में अपना कार्यालय मेरौनी में रखा हूँ। यदि ग्रामीणों की इक्षा होगी तो वहीं से कार्य का निस्पादन करेंगे।मेरे लिए सभी ग्रामवासी एक समान हैं मैं किसी साथ भेद भाव नही करता हूँ लगाया गया आरोप बिल्कुल गलत है।

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