भवनाथपुर(गढ़वा) : हेमंत सोरेन के अपने संघर्ष यात्रा में सोमवार को भवनाथपुर प्रखंड में पहुंचने पर लोगों ने जोरदार स्वागत किया

भवनाथपुर(गढ़वा) : पूर्व मुख्यमंत्री व झारखंड विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन के अपने संघर्ष यात्रा में सोमवार को भवनाथपुर के सब्जी बाजार में पहुंचने पर लोगों ने जोरदार स्वागत किया। वे गढ़वा जिला में तीन दिवसीय संघर्ष यात्रा पर हैं। सोमवार को एक बडे काफिला जिसमें भवनाथपुर विधानसभा के जेएमएम के नेता कन्हैया चौबे के नेतृत्व में पार्टी के कई दिग्गज नेताओं के साथ सैकड़ो कार्यकर्ता शामिल थे। यहां के लोगों द्वारा किए गए स्वागत से अभिभूत हेमंत सोरेन ने कहा कि कार्यकर्ताओं तथा यहां के लोगों के प्रेम के चलते ही तीसरी यात्रा ले कर आपके पास आये हैं। इस अवसर पर नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की रघुवर सरकार एवं पीएम मोदी के क्रियाकलापों पर जमकर हमला बोला। कहा कि भाजपा प्रायोजित ढंग से गरीबों की जमीन को छीन कर बड़े-बड़े कंपनियों को एमओयू करने में लगी हुई है। किसानों की बात को कोई सुनने वाला नहीं है। आम जनता दर दर की ठोकर खा रही है, बेरोजगार नौजवान रोजी-रोटी के लाले पड़े हुए हैं, पारा शिक्षकों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है, दो माह से विद्यालयों में ताला लटका हुआ है, गरीब के बच्चों की पढ़ाई बाधित हैं पर इन्हें देखने वाला कोई नहीं है। मुख्यमंत्री झूठे हवाई वादे करते फिर रहे हैं। उन्होने कहा की रघुवर दास झारखंड में बैठे हैं लेकिन शासन दिल्ली व मुम्बई से चल रहा है। उन्होंने सीएनटी व एसपीटी एक्ट में छेडछाड़ के लिए भी सरकार पर निशाना साधा। हेमंत सोरेन ने कहा आगामी 2019 का चुनाव जनता के सिर पर है, इसमें आम जनों की सरकार बनानी है। इस अवसर पर कन्हैया चौबे ने कहा कि अगर जनता के सहयोग से झारखंड में जेएमएम की सरकार बनी तो आमजन को देखने वाले नेता मिलेंगे। उन्होंने भाजपा को जाति धर्म के नाम पर लोगों को आपस में बांटकर वोट की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा सभी को एक साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। इधर पारा शिक्षकों ने भवनाथपुर के दौरे के क्रम में सैकड़ों पारा शिक्षकों ने पूर्व मुख्यमंत्री एवम वर्तमान प्रतिपक्ष नेता माननीय हेमंत सोरेन जी से खरौंधी, भवनाथपुर, केतार और अन्य प्रखण्ड इकाई की ओर से एक माँग पत्र सौपा गया, जो झारखंड के 67000 हजार पारा शिक्षकों को सेवा स्थाई किया जाय, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के आलोक में समान कार्य का समान वेतनमान दिया जाय, आंदोलन के दौरान पारा शिक्षकों पर झूठा मुकदमा दर्ज वापस किया जाय, आंदोलन के दौरान मृत पारा शिक्षकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी एवम 25 लाख मुवावजा राशि दिया जाय एवम दिनांक 17 जनवरी से बजट सत्र के दौरान स्थगन प्रस्ताव लाकर शांति पूर्ण तरीके से बहस कराई जाय।इस दौरान खरौंधी प्रखण्ड के पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष इन्दल पासवान, केतार से दीनानाथ मेहता, भवनाथपुर से पंकज कुमार, अनिल यादव, अरविंद गुप्ता, बिभूती नारायण सिंह,पंकज कुशवाहा, सुरेश कुमार, राजीव रंजन मिश्रा, सुशील प्रजापति, शिवपूजन प्रसाद यादव, प्रदीप यादव, संतोष मेहता, अरविंद दुबे, मनोज सोनी, मुशन पासवान, अवधेश यादव, सुरेंद्र मेहता, कन्हाई विश्वकर्मा, विष्णुदेव गुप्ता, फूलकुमारी बाखला, इन्द्रमन यादव, बिनोद पाल, अनिल विश्वकर्मा, दीलिप कुमार मिथलेश पाल विनोद कुमार, सुरेंद्र ठाकुर, रविप्रकाश यादव, योगेंद्र यादव, नवीन कुमार, शेलेन्द्र ठाकुर सहित सैकड़ों पारा शिक्षक और झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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