खरौंधी(गढ़वा) : खरौंधी प्रखण्ड के नव प्राथमिक विद्यालय केवाल सिसरी के पारा शिक्षक उमेश्वर मेहता सरकार के तानाशाही के कारण सब्जी बेच कर परिवार का भरन पोषण करने पर मजबूर

सब्जी बेचते पारा शिक्षक उमेश्वर मेहता

खरौंधी(गढ़वा) : खरौंधी प्रखंड के नव प्राथमिक विद्यालय केवाल सिसरी के पारा शिक्षक उमेश्वर मेहता सरकार के उदासीनता के कारण सब्जी बेचने पर मजबूर हैं। उन्होंने ने कहा कि हमलोग बीजेपी की सरकार बनाने में जितोड़ मेहनत किया था। पारा शिक्षकों की बदौलत झारखंड में बीजेपी की सरकार बनी थी।परन्तु सरकार के हठधर्मिता के कारण पारा शिक्षक 35 दिनों से हड़ताल पर है।और हमे सब्जी बेच कर परिवार का भरन पोषण करना पड़ रहा है। वहीं पारा शिक्षक संघ के प्रखण्ड अध्यक्ष इन्दल पासवान ने कहा कि बीजेपी के घोषणा पत्र में पारा शिक्षकों को स्थाईकरण और समान कार्य के बदले समान बेतन देने की बात कही गयी थी।पर सरकार बन जाने के बाद सुर बदल गया। हमलोग अपनी जायज मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।गरीब के बच्चे स्कूल जाना बंद कर दिए हैं। पर सरकार को इससे कोई मतलब नहीं हैं। हमारे आठ पारा शिक्षक काल की गाल में समा गए हैं। पर सरकार कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। खरौंधी प्रखण्ड के 58 विद्यालय में से 38 विद्यालय में ताला लटका हुआ है। पर सरकार सोई हुई है।हम पारा शिक्षकों को लाठी चार्ज कर जेल भेज दिया। जबकि 67 हजार पारा शिक्षक झारखंड के मूल निवासी हैं हम मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि 5200 का स्केल देते हुए सभी पारा शिक्षकों पर से दर्ज मुकदमा वापस ले। हमारे 15 साल के सेवा का प्रतिफल देने का कार्य करें न कि घर उजाड़ने का। इस मौके पर बिभूतिनारायन सिंह, पंकज कुमार कुशवाहा, इन्द्रमन यादव, शिवपूजन यादव, प्रदीप कुमार यादव, मुकेश सिंह, संतोष मेहता, नारद राम, उदय गुप्ता, सहित कई पारा शिक्षक उपस्थित थे।

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