लातेहार : जेजेएमपी के दो लाख के इनामी एरिया कमांडर ने किया सरेंडर

> पलामू के डीआईजी के समक्ष जेजेएमपी के एरिया कमांडर जितन सिंह खेरवार ने किया सरेंडर
> नई दिशा आत्मसमर्पण व पुर्नवास नीति के तहत किया सरेंडर, सीआरपीएफ 214 बटालियन कैंप में हुआ कार्यक्रम
 लातेहार : 214 वीं बटालियन सीआरपीएफ कैंप में नई दिशा कार्यक्रम के तहत जेजेएमपी के दो लाख के ईनामी एरिया कमांडर छिपादोहर निवासी जीतन सिंह खेरवार ने गुरूवार को पलामू डीआईजी विपुल शुक्ला के समक्ष सरेंडर किया। पलामू डीआईजी विपुल शुक्ला ने जेजेएमपी के एरिया कमांडर व उनके परिवार वालों को फल देकर व माला पहनाकर स्वागत किया। सरेंडर करने के बाद एरिया कमांडर जीतन सिंह खेरवार ने कहा कि 2008 में भाकपा माओवादी के एरिया कमांडर कामेश्वर सिंह के द्वारा दस्ता में शामिल किया था। 2009 में भाकपा माओवादी के दस्ते से भागकर अपने घर में खेतीबारी करने लगे। 2014 में भाकपा माओवादी के बड़ा विकास ने संगठन में शामिल करवाकर एरिया कमांडर का पद दिया गया। 2016 में बड़ा विकास ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया तो पार्टी छोड़कर जेजेएमपी में शामिल हो गया। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा से भटके हुए लोगों से सरकार की योजना का लाभ उठाते हुए सरेंडर करने की अपील की। जीतन सिंह खेरवार पर लातेहार जिले में 2015 में छिपादोहर रेलवे ट्रेक पर बम विस्फोट से उड़ाने का मामला दर्ज है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पलामू डीआईजी विपुल शुक्ला ने कहा कि झारखंड में धीरे धीरे नक्सली क्षेत्र में कमजोर होते जा रहे हैं। झारखंड सरकार के नई दिशा कार्यक्रम के तहत लातेहार जिले में 13 वें नक्सलियों ने सलेंडर कर रहे हैं। लातेहार में एक सप्ताह में यह दूसरा उग्रवादी सरेंडर कर रहे है। यह सीआरपीएफ 214 बटालियन का योगदान सराहनीय रहा है। झारखंड सरकार की उग्रवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत झारखंड पुलिस निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्य धारा से भटक गये नक्सली संगठन के लोग मुख्य धारा में लौट आएं अन्यथा पुलिस की ओर से नक्सलियों के विरोध बड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी उग्रवादियों के परिजनों से आत्मसमर्पण नीति के तहत सरेंडर करने वाले नकस्लियो को राशि दुगना कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा से भटके हुए नक्सलियों को मुख्य धारा में लाने के लिए पुलिस व सरकार कटिबद्ध है।उग्रवादी के विरूद्ध सभी आपराधिक नक्सली मामलों का निष्पादन फॉस्ट ट्रैक कोर्ट में यथाशिघ्र करवाने की अनुशंसा की जायेगी। उपायुक्त राजीव कुमार ने कहा की उग्रवाद के विचार धारा को छोड़ कर मुख्य धारा में लौट कर सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजना में सहभागिता प्रदान करें। इस दौरान अन्य उग्रवादियों को भी आत्मसमर्पण नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने की अपील की। पुलिस अधीक्षक प्रशांत आनंद ने कहा कि राज्य सरकार से अलग होकर नक्सली उग्रवाद को बढ़ावा दे रहे है। नक्सली मुख्य धारा में लौट कर सरकार के नीति पर चलने का आग्रह किया। 214 बटालियन के सीआरपीएफ कमांडेंट अजय सिंह ने कहा कि सीआरपीएफ व झारखंड पुलिस के सहयोग से राज्य सरकार के नीति के तहत एरिया कमांडर ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यधारा से भटक गये हैं उसके लिए पुलिस का दरवाजा हमेशा खुला हुआ हैं। 11 वीं बटालियन के सीआरपीएफ कमाडेंट विनय कुमार त्रिपाठी ने नक्सली के परिजनों से कहा है कि नक्सली कही भी अपने मर्जी से आत्मसमर्पण कर सकते है। इसके लिए पुलिस के द्वारा सुरक्षा प्रदान कर सरकार के पुनर्वास नीति के तहत सुविधा प्रदान दी जाऐगी।कार्यक्रम में सबसे पूर्व एरिया कमांडर को दो लाख रूपये की चैक दिया गया। इस मौके पर सीआरपीएफ द्वितीय कमांडेंट मनीष भारती ,अभियान एसपी विपुल पांडेय, लातेहार मुख्यालय डीएसपी एच रहमान, लातेहार थाना प्रभारी कमलेश्वर पाण्डेय समेत कई लोग उपस्थित थे।

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