गढवा : मछुआरा दिवस पर बैठक, मछुआरों के समस्याओं पर हुई चर्चा

गढवा : नेशनल एसोसिएशन ऑफ फिसरमेन की गढवा जिला इकाई की ओर से रास्ट्रीय मछुआरा दिवस के अवसर पर जिला अध्यक्ष सुदामा चौधरी के अध्यक्षता में गढवा मे संपन्न हुई।  विदित हो कि 10 जुलाई 1957 मे डॉक्टर अलकिन्ही एव डॉक्टर एच एल चौधरी ये दोनों वैज्ञानिक ने उत्प्रेरित प्रजनन मछली बिज का इजाद किया था और इस दिवस को राष्ट्रीय मछुआरा दिवस के रूप में मनाते हैं। इस दिवस पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि आज मछुआरों को तालाब, जलाशयों पर अधिकार नहीं है बल्कि सिर्फ मजदूर के रूप में काम कर रहे है जिसके कारण उनके आर्थिक विकास नहीं हो रहा है प्रशिक्षित मछुआरों का बीमा नहीं होता है जिसके कारण दुर्घटना के वक्त उन्हें लाभ नहीं मिल पाता,मछुआ आवास का भी लाभ वास्तविक मछुआरों को नहीं मिल पाता ,मछुआरों को कलस्टर सिस्टम से आवास निर्माण तथा पेयजल की व्यवस्था नही हो पाता है ,जिले के वरीय अधिकारियों के द्वारा इनके सामाजिक, आर्थिक विकास के ओर ध्यान नहीं देते है बल्कि मछुआरों को मिलने वाली सुविधाओं का बंदरबांट कर देते है जिसके खिलाफ मछुआरों को संगठित करते हुए आंदोलन करने का संकल्प लिया।वक्ताओं ने कहा कि प्रखंड से लेकर जिले तक मछुआरा कमेटी का गठन करना होगा।25जुलाई18को फूलन देवी की सत्रहवीं शहादत दिवस महर्षि वेदव्यास परिषद एवं नेशनल एसोसिएशन ऑफ फिसरमेन के संयुक्त तत्वावधान में शहादत दिवस मनाने का निर्णय लिया तथा 5अगस्त18को राज्य स्तरीय नेफ की कार्यशाला बोकारो मे अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया मछुआरा दिवस में कमलेश चौधरी महासचिव नेफ, वीरेंद्र चौधरी पूर्व प्रत्याशी गढवा विधानसभा क्षेत्र भाकपा माले ,सुदामा चौधरी, कृष्णा चौधरी उपाध्यक्ष महर्षि वेद व्यास परिषद, विजय चौधरी, बसंत कुमार चौधरी पलामू, मनोज चौधरी कोषाध्यक्ष नेफ, सुमेर चौधरी सचिव नेफ ,राजेन्द्र चौधरी, विनोद चौधरी, शालिख चौधरी, अर्जुन चौधरी, अनिल चौधरी, मोहन चौधरी, शिवटहल चौधरी, महेश चौधरी, रमेश चौधरी सहित सैकड़ों लोग शामिल थे

181 total views, 1 views today