विश्रामपुर(पलामू) : कौड़िया में पसरा है मातमी सन्नाटा, गांव में व्याप्त है भय का माहौल

पुलिस गिरफ्त में मुख्य आरोपी

> मृत दोनों भाइयों का हुआ अंतिम संस्कार,मुख्य आरोपी भी पुलिस गरीरफ्त में
> सोमवार को दो भाइयों की हुई थी हत्या, सगे भाई ने ही घटना को दिया था अंजाम
विश्रामपुर(पलामू) :विश्रामपुर थाना क्षेत्र के कौड़िया गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. पूरे गांव में भय का माहौल व्याप्त है. गांव के लोग घटना के बाद से डरे-सहमे हुये है.डर के मारे ग्रामीण किसी से बात करने को भी तैयार नही है. घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. उल्लेखनीय है कि कौड़िया गांव में मामूली विवाद को लेकर सगे भाई ने ही ससुराल वालों के साथ मिलकर अपने दो भाइयों की निर्मम हत्या कर दी थी. जबकि उसका एक भाई और माँ गंभीर रूप से घायल हो गये थे. ये दोनों भी मेदिनीनगर अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे है. इधर मृतक रघुरायी यादव व ददई यादव का सोमवार की रात में ही दाह-संस्कार कर दिया गया. घटना का मुख्य शुत्रधार गोविंद यादव भी आज पुलिस के गिरफ्त में आ गया.तीन आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को ही दबोच लिया था.
> प्रखंड मुख्यालय से 15 किमी दूर है कौड़िया
कौड़िया गांव विश्रामपुर प्रखंड मुख्यालय से 15 किमी दूर है. कौड़िया का भगौलिक स्थिति यह है कि यह गांव तीनो तरफ पहाड़ से घिरा हुआ है. इसलिये कौड़िया गांव में जाने के लिये पाण्डु प्रखंड मुख्यालय होकर जाना पड़ता है.पाण्डु प्रखंड मुख्यालय हो कर जाने से कौड़िया की दूरी 25 किलो मीटर पड़ जाती है. इस भगौलिक स्थिति के कारण पुलिस का पकड़ इस गांव पर कमजोर है.यही कारण है कि यहां हमेशा कोई न कोई घटना घटते रहती है.
> कौड़िया में टीपीसी के 15 नक्सलियों की हुई थी हत्या
कौड़िया गांव माओवादी व टीपीसी के बर्चस्व का अखाड़ा भी रह चुका है. 9 अगस्त 2015 को इसी गांव में माओवादियों ने टीपीसी के 15 लोगो की घेरकर हत्या कर दी थी. माओवादी व टीपीसी के बर्चस्व की लड़ाई में गांव वाले हमेशा पिसते रहे थे. चुकी अब माओवादियों व टीपीसी दोनों का क्षेत्र में असर कमजोर पड़ा है.जिससे गांव वाले राहत की सांस ले रहे थे. लेकिन सोमवार की घटना से फिर यह गांव दहल गया.

 

 

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