बड़ी खबर(गढ़वा): सदर अस्पताल में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, सीएस ने किया 11 प्राईवेट अस्पतालों का एमओयू निरस्त

गढ़वा: सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला गढ़वा के सदर अस्पताल में करीब 2 करोड़ 32 लाख रुपयों के हुए फर्जीवार्डे मामले को लेकर एमओयू पर काम कर रहे 11 प्राईवेट अस्पतालों का एमओयू निरस्त कर दिया गया। सीएस कन्हैया प्रसाद फर्जीवाडे के मामले को लेकर काफी गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि मामले में संलिप्त किसी को भी नहीं बख्सा जाएगा।

क्या है मामला

दरअसल सदर अस्पताल में एमओयू कराकर गढ़वा जिला के कई प्राईवेट अस्पताल बंध्याकरण आॅपरेषन और नसबंदी आॅपरेषन का काम अपने निजी अस्पातालों में करते हैं। इसके लिये उन्हें सरकार की ओर से राषि उपलब्ध कराई जाती है। वर्ष 2016-17 और 2017-18 के लिये प्राईवेट अस्पतालों के द्वारा राषि के लिये जो संचिका दी गई वह सीएस कन्हैया प्रसाद के संदेह के घेरे में आ गया।

कैसे आया संदेह के घेरे में

जांच में सीएस ने पाया कि संचिका में कई अस्पतालों के लिये भारी संख्या में मरीजों का एक ही तारीख 29 मार्च 2018 को सत्यापन प्रस्तुत किया गया है जो बिल्कुल संभव नहीं है। सत्यापन सदर अस्पताल में कार्यरत डीपीएम आषुतोष मिश्रा के द्वारा की गई थी। इससे पहले की सीएस द्वारा डीपीएम से मामले की पूछताछ की जाती वे बिना बताये छुट्टी पर चले गए। इधर मामले की जांच में दोषी पाये जाने के कारण 11 प्राईवेट अस्पतालों का एमओय सीएस ने निरस्त कर दिया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और रेफ़र का पूरा नहीं हो रहा उपयोग

सीएस कन्हैया प्रसाद ने कहा कि बंध्याकरण ओर नसबंदी का काम करने के लिये हमारे खुद के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और रेफरल अस्पताल काफी हद तक सक्षम हैं तो इतनी बड़ी संख्या में प्राईवेट अस्पतालों को यह काम दिये जाने का कोई कारण दिखाई नहीं देता।

जांच की प्रक्रिया अभी जारी है। स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में हुए इतने बड़े फर्जीवाड़े को सही समय पर पकड़ लिया गया है। लेकिन प्रष्न यह उठता है कि अगर सरकारी पदाधिकारियों की मिली-भगत से सरकार करोड़ों रुपयों का इस तरह गबन करने की कोषिष की गई हो तो क्या अन्य कई योजनाओं में भी ऐसा करने का प्रयास किया गया होगा? अगर ऐसा है तो सदर अस्पताल गढ़वा में कितने करोड़ का फर्जीवाड़ा किया गया होगा यह जांच का विषय है। फिलहाल नवनियुक्त सीएस मामले को लेकर काफी गंभीर हैं और पुरानी सभी फाईलों को खंगालने में लगे हैं।

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