लातेहार : भुमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के खिलाफ घंटों सड़क जाम, आक्रोशपुर्ण प्रदर्शन

लातेहार : जन विरोधी भुमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के खिलाफ  पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज लातेहार में सर्किट हाउस के सामने बंद समर्थकों ने सड़क जाम कर दिया  और सड़क पर ही धरना की शक्ल में बैठ गए उक्त कार्यक्रम का नेतृत्व झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव, केंद्रीय समिति सदस्य सह,  जीला प्रवक्ता दीपू कुमार सिन्हा राष्ट्रीय जनता दल के जिला अध्यक्ष रामप्रवेश यादव,  कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुनेश्वर उरांव, सीपीआईएम के पूर्व जिला सचिव अयूब खान, जेबीएम के जिलाध्यक्ष शमसुल होदा आदि कर रहे थे। मनिका के पूर्व विधायक श्री रामचंद्र सिंह चतरा लोकसभा के पूर्व झाविमो प्रत्याशी श्रीमती नीलम देवी एवं लातेहार विधानसभा के पूर्व राजद प्रत्याशी विजय राम , राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश सदस्य  लक्ष्मण यादव, झामुमो के केन्द्रीय समिति सदस्य सह जिला उपाध्यक्ष प्रमेश्वर गंझु, प्रमुख रुप से उपस्थित थे। सड़क जाम के दौरान सड़क पर ही सभा का रूप देते हुए उपस्थित नेताओं ने उपस्थित लोगों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित किया सभा को संबोधित करते हुए झामुमो जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव ने कहा कि 31 सितंबर 2014 की आधी रात को भाजपा सरकार ने भुमि अधिग्रहण संशोधन अध्यादेश जारी कर 2013 मे सांसद से पारित इस कानुन मे कॉरपोरेट घरानों के लिए जमीन की लुट का रास्ता आसान करने की साजिश की थी. ऐसा तीन बार किया गया, लेकिन पुरे देश में किसानों – रैयतों- आदिवासियों के जबरदस्त प्रतिरोध के चलते मोदी सरकार को पिछे हटना पड़ा, इस लिए मोदी सरकार ने राज्यों को कहा है कि इस कानुन मे संशोधन कर इसे कमजोर करें, ताकि पुंजीपतियो को जमीन दिए जाने की बाध्यता खत्म किया जा सके. मोदी सरकार के नक्से कदम पर ही चलते हुए झारखंड के रघुवर दास सरकार ने 12 अगस्त 2017 को विधानसभा मे बिना चर्चा किए आनन – फानन मे भुमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन मे उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार झारखंड संशोधन विधेयक 2017 पारित करा लिया, जिसे राष्ट्रपति की भी मंजुरी मिल गई है, राष्ट्रपति ने इस बिल को एक बार वापस भी किया था, क्योंकि केंन्द्रीय कृषि मंञालय ने कृषि योग्य भुमि के अधिग्रहण से संबंधित इस विधेयक पर कई आपतियॉ उठाई थी, अब राज्य सरकार पर जिमेदारी डालते हुए. मंजुरी दे दी गई है.  झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला प्रवक्ता सह केंद्रीय समिति सदस्य दीपू कुमार सिन्हा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भुमि अधिग्रहण कानुन मे किए गए इस संशोधन के द्वारा रघुवर दास सरकार राज्य के किसानों और रैयतों पर बड़ा हमला बोला है, क्योंकि इसमे न्यायालय की भुमिका दरकिनार कर दिया गया है, सामाजिक प्रभाव के आकलन को हटा दिया गया है, अनाज की कमी वाले इस राज्य मे जहॉ भुखमरी की घटनाएं लगातार घट रही है. भुख और बिमारी के दलदल मे फंसा देने का काम किया जा रहा है,  सभा को संबोधित करते हुए लातेहार के सीपीआईएम के पूर्व जिला सचिव अयूब खान ने कहा कि आज देशी – विदेशी कॉरपोरेट घराने और भारत का शासक वर्ग का गठजोड़ गरीबों को उनके जमीन से बेदखल कर यहॉ की रत्नगर्भा धरती के अंदर पड़ी खनिज संपदा को हड़पना चाहता है जिसके खिलाफ पुरे झारखंड में लड़ाई जारी है, रधुवर सरकार जमीन अधिग्रहण कानुन मे संशोधन कर सविंधान की 5वीं अनुसुची, पेशा कानुन, समता जजमेट और ग्राम सभा के वैधानिक अधिकारों को ही खत्म करने का काम कर रही है, जो यहॉ के आदिवासियों और दुसरे गरीबों को अपनी जमीन से बेदखल कर ठोकरें खाने के लिए विवश कर देगा, इतना ही नहीं भुमि अधिग्रहण मे सामाजिक प्रभाव के आकलन के प्रावधान हटाने से कृषि योग्य जमीन कॉरपोरेट के चंगुल में चली जाएगी, क्या इसी दिन के लिए शहीद सिदो – कान्हू और बिरसा मुंडा के नेतृत्व मे हजारों आदिवासी और दुसरे गरीबों ने अपने प्राण न्योछावर किए थे, संशोधन कर जल – जंगल – जमीन और खनिज की लुट के लिए तैयार बैठे लुटेरों के खिलाफ लड़ाई की यह शुरूआत है, जमीन अधिग्रहण संशोधन को सरकार वापस नहीं लेती है तो प्रदेश के आदिवासी – रैयत और दुसरे गरीब सहन नहीं करेगे, सरकार को जनता का आक्रोश का सामना करना पड़ेगा!  कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुनेश्वर उरांव ने कहा कि हमारे पूर्वज यहां के जंगल को तुंबा में पानी लेकर और जंगल को साफ करके खेती लायक जमीन बनाए और बसाए  हैं. हम अपनी जान देकर भी इसकी रक्षा करेंगे और इसे लुटने नहीं देंगे । रघुवर सरकार को  20 19 के चुनाव में आम जनता थ्वसत कर देगी । झाविमो जिलाध्यक्ष शमसुल होदा ने कहा की जनविरोधी रघुवर सरकार को जनता के दुख सुख से कोई लेना देना नहीं है यह सिर्फ कारपोरेट घरानों को झारखंडियों की जमीन देने को बेचैन है। उक्त  लोगों के अलावे सभा स्थल पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य अरुण दुबे एवं मानिक गंझु, गोपाल सिंह मोहन भुईयॉ, अशोक पांडे परमेश्वर सिंह मोहम्मद वारिस झामुमो नगर अध्यक्ष मोहम्मद रिजवान मोहम्मद रिंकू अंसारी मोहम्मद सद्दाम अंसारी ममता सिंह शांति कुजूर सुनैना कुमारी राजेश राम कुंज बिहारी सिंह हरेंद्र भुईयॉ कौशल राम नंद किशोर सिंह परमेश्वर गंझू अजय अग्रवाल गोपाल जी शिव शंकर राम मोहम्मद अरशद अंसारी मोहम्मद हाशिम हरिनाम सिंह राजदेव सिंह, निरमला उरॉव सुकु उरंव, सीपीआईएम के निरंजन ठाकुर, प्रदीप कुमार शर्मा, झारखंड विकास मोर्चा के अनिल कुमार सिंह प्रखंड अध्यक्ष लातेहार, शंभू प्रसाद नगर अध्यक्ष लातेहार, अहद खान,  मदन यादव, नागेश्वर यादव, राजेश उरांव, संजय उरांव, देवेंद्र राम ,महेंद्र राम, सुनील प्रसाद ,राष्ट्रीय जनता दल के दरोगी यादव, रंजीत यादव, हरिशंकर यादव, चिनगी यादव, कमलेश यादव ,मनोज पासवान रविंद्र प्रसाद  कांग्रेस के जिला मीडिया प्रभारी पंकज तिवारी अख्तर अंसारी युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र उरांव, युवा कांग्रेस लातेहार के विधानसभा अध्यक्ष साजन कुमार, महेंद्र प्रसाद, अरशद अंसारी, शंभू यादव, रामदेव उरांव,  उपेंद्र पासवान , बीरबलराम, रामप्रवेश राम, नागेंदर उरांव  आदि सैकड़ों महागठबंधन दलों के कार्यकर्ता उपस्थित थे । सभा करने के पश्चात महागठबंधन के नेताओं ने पुलिस प्रशासन के आग्रह पर अपनी गिरफ्तारी दी और खुली गाड़ी में जन विरोधी भाजपा नेतृत्व वाली रघुवर दास सरकार गद्दी छोड़ो ,जनविरोधी भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक वापस लेना होगा,झारखंडियों की जल-जंगल-जमीन लूटना बंद करो रघुवर सरकार तेरी तानाशाही नहीं चलेगी. अपना हक हम लेकर रहेंगे आदि आक्रोशपुर्ण नारे लगाते हुए प्रशासन द्वारा बंद समर्थकों को गिरफ्तार कर स्थापित कैंप जेल  माको डाकबंगला ले जाया गय। जिला मुख्यालय के अलावे महागठबंधन के दलों के बंद समर्थकों ने लातेहार जिले के सभी प्रखंडों समेत चंदवा, लाघुप सेन्हा, लातेहार के उदयपुरा आदि स्थानों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे और सड़क जाम कर दिया। जिले में अभुतपुर्व बंद की सफलता के लिए महागठबंधन के दलों ने जिले वासीयें को बधाई दी है, कहा बंद से यह साबित हो गया है कि रघुवर दास सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया है. राज्य की जनता ने सरकार द्वारा चोर दरवाजे से लाया गया भुमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को नकार दिया है. इनकी उलटी गिनती शुरू हो गई है.

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