भवनाथपुर(गढ़वा) : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत बद से बदतर

भवनाथपुर(गढ़वा) : भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी अमृत नरेश खलको की मनमानी रवैया के कारण दिन प्रतिदिन अस्पताल की हालत बद से बदतर होती जा रही है जिस कारण आम आवाम को सरकार द्वारा मिलने वाले चिकित्सा सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है, मनमानी ऐसा की अस्पताल में रात्रि में इलाज कराने आए मरीजों के इलाज के लिए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर इलाज करने के बजाए आवास में आराम फरमाते हैं भले ही मरीज की जान क्यों नहीं चली जाए। बताते चलें कि रविवार की रात्रि करीब बारह बजे चपरी गांव के राकेश बैठा का चार वर्षीय पुत्र बादल कुमार का अचानक तबीयत खराब होने पर भागम भाग संजय साह पत्नी सीमा देवी और वीरेंद्र गुप्ता के साथ सीएचसी पहुंचे. जहां अस्पताल गार्ड मौजूद था पूछताछ के क्रम में पता चला चिकित्सक अपने आवास पर आराम फरमा रहे हैं। गार्ड के साथ परिजन डॉक्टर के आवास की किवाड़ खटखटा कर थक गए लेकिन डॉक्टर साहब की कुंभकरनी निद्रा नहीं खुली इधर बच्चे की खराब हालत देख परिजनों ने गार्ड ने ही उन्हें निजी क्लीनिक की ओर रुख करने का सलाह दिया। जिसके बाद परिजनों ने उक्त बच्चे का इलाज बगल के ही क्लीनिक डॉ धर्मेंद्र मेहता से कराया।इस बात की पुष्टि करते हुए धर्मेंद्र मेहता ने बताया बच्चे की तबीयत तेज बुखार के कारण नाजुक हो गई थी उसे तत्काल इलाज की आवश्यकता थी। इससे पूर्व शनिवार की अहले सुबह भवनाथपुर बाजार निवासी निजाम अंसारी भी अपनी पत्नी के पेट में दर्द होने पर इलाज कराने अस्पताल पहुंचा लेकिन वह भी डॉक्टर साहब की कुम्भकर्णी निद्रा तोड़ने में असफल रहा. जिस कारण उस व्यक्ति ने भी अपनी पत्नी का इलाज निजी क्लीनिक में ही कराया था। चिकित्सा प्रभारी के इस रवैया से आम लोगों में भारी रोष है। इस बाबत पूछे जाने पर चिकित्सा प्रभारी डॉ अमृत नरेश खलको ने बताया की रात्रि को सोने गए थे हो सकता है कि आंख लग गया होगा,वही इस संबंध में उपायुक्त महोदया डॉ नेहा अरोड़ा ने कहा ऐसी शिकायत अभी तक मिली नहीं है अगर चिकित्सक की लापरवाही बराबर ही है, जांचोपरांत कार्रवाई करेंगे।

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