बिशुनपुरा(गढ़वा) : जतरो बंजारी में महाशिवरात्रि पर तीन दिवसीय मेला शुरू

बिशुनपुरा(गढ़वा) : बिशुनपुरा से सटे बरडीहा प्रखण्ड के जतरो बंजारी गांव में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर मंगलवार को प्रसिद्ध मारेगुरु शिव मंदिर के गुम्बज पर पण्डित रबिन्द्र तिवारी द्वारा पवित्र वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना की गयी।इसके साथ ही तीन दिवसीय मेले की सुरुआत हुई।विदित हो कि लगभग डेढ़ सौ वर्षों से शुरूइस मेले में बिहार, झारखण्ड एवं उत्तर प्रदेश के हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होते हैं। और मणौति मानते हैं।बताया जाता है कि उनकी मणौति भी पूरी होती है।इस सम्बंध में मंदिर समिति के अध्यक्ष महेंद्र रजवार, सचिव राजेन्द्र मेहता एवं कोषाध्यक्ष सुखाडी सिंह ने बताया कि उनके पूर्वजो के समय से ही एक सच्ची घटना की कहानी चली आ रही है कि उत्तर प्रदेश के जंगल में एक सिद्ध महात्मा कुटी बनाकर रहते थे। इसी बीच कुछ अपराधी तत्व के लोग एक लड़की का पीछा करते हुए आये और महात्मा से लड़की के बारे में पूछा।बाद में उन अपराधियों को मालूम हुआ कि इस महात्मा ने ही लड़की का बचाव किया है।क्रोधित होकर उक्त लोगों ने महात्मा को मारने दौड़े।इसी दौरान महात्मा अपने घोड़े से भागे इस क्रम में सिलिदाग गांव में घोड़े का चांद गिरा।जो बाद में चांदराज के नाम से प्रसिद्ध हुआ ,इसके बाद बिसुनपुरा के समीप उनका छाता गिरा जहां छाता राज के नाम से पूजा होती है।इसके बाद महात्मा जतरो बंजारी गांव के पहाड़ी के पास पहुंचे जहां उक्त अपराधियों ने उनकी हत्या कर दी।लगभग डेढ़ सौ वर्ष पहले स्व घुटुर बैगा को स्वप्न आया।तब से इस स्थान पर पूजा होता है एवं मेला लगता है।
इधर महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर बिशुनपुरा प्रखण्ड के प्रायः सभी मंदिरों में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान बिष्णु मंदिर शिव मंदिर, पुराणी बाजार शिव मंदिर आदि स्थलो पर  श्रद्धालुओं द्वारा शिव लिंग पर जल चढ़ाया और भांग धतूरे आदि चढ़ाकर पूजा की गई।साथ ही श्रद्धालुओं ने उपवास व्रत रखकर पूजा अर्चना की। इस दौरान सभी मंदिरों में मेले जैसा दृश्य देखा गया।

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