बिशुनपुरा(गढ़वा) : धान क्रय केंद्र बंद रहने से परेशान हैं किसान, किसानों की रखी हुई धान हो रहे है खराब, पदाधिकारी मौन

बिशुनपुरा(गढ़वा) : बिशुनपुरा पैक्स लगातार 12 दिन से धान क्रय केंद्र का कार्य बंद पड़ा हुआ है जिसको देख  किसान परेसान नजर आ रहे हैं।किसान संतोष चौधरी, रामजी यादव, मनोज पासवान, अनिल सिंह, रघुनाथ यादव प्रवेश गुप्ता, अहित अन्य किसानों का ने कहा  धान क्रय में भारी गड़बड़ी हो रही है। पुराने रजिस्टेशन वाले किसानों का धान खरीदा नही जा रहा है और न ही अभी तक पुराने किसानों का मैसेज आया है। सबसे बड़ी बात है की बड़े बड़े पूंजी पत्ती वाले एवं व्यपारियो का का धान ख़िरीदा गया है। हमलोग लाचार महसूस कर रहे है। कहा कि सम्बन्धित विभागीय लोगो अधिकारियों को भी जानकारी दिए, लेकिन अधिकारियों के द्वारा टाल मटोल कर दरकिनार कर दिया जाता है। किसानों ने कहा कि विशुनपुरा गोदाम 12 दिनों से बंद है। जिससे किसानों का रखा धान खराब हो रहे है। किसानों को मिलने वाली सरकारी सुविधा से दूर रखी जा रही हैं। किसानों ने कहा कि  अगली 31 दिसंबर तक FCI  के द्वारा 4794 किलो ग्राम धान ख़रीदा गया था।  उसके बाद पैक्स के द्वारा 16 जनवरी से 28 जनवरी तक धान ख़रीदा गया है।  जिसमे पैक्स के द्वारा बताया गया की अल्फ़ा बेट से मैसेज भेजा जा रहा है परंतु फैक्स वाले को  जो ब्यक्ति पैसे दिए उन्ही का मैसेज आया और धान ख़रीदा गया । किसान का कहना है की हम लोग अगले वर्ष रजिस्ट्रेसन कराये थे लेकिन नया जो लोग रजिस्ट्रेसन कराएं उनका धान कैसे बिक गया। रह गया अल्फ़ा बेट का तो सबसे पहले अ अक्षर आता है न की र, उ, ऐसे बहुत हैं जो पैसे के बल पर अपना धान बेच दिए और किसान का धान पड़ा हुआ है और अब खरीदारी नहीं कर रहें है। धान केवल बड़े पूंजी पत्ति वालो का ख़रीदा जा रहा है। ऐसे लोग हैं बाजार से कम दाम पर धान को खरीद कर पैक्स में बेच रहे हैं अभी दो सौ के आस पास के किसान का धान नहीं ख़रीदा गयाहै। अगर हम किसान धान महाजन के पास बेचने जाते हैं तो हमारा धान का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है आखिर हम लोग क्या करें ,
एक तरफ सरकार बोलती है की किसानो के लिए सारी सुविधा उपलब्ध है। वही दूसरी ओर  धरातल पर कुछ और ही नजर आ रहा है।

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